दोस्तों इस पोस्ट में मैं आपको एक कल्पवृक्ष की कहानी बताने जा रहा हूँ। कल्पवृक्ष एक पेड़ होता है, जिसके नीचे हम जो भी कल्पना करते हैं वह हमारे सामने मौजूद होजाता है। ऐसे वृक्ष को कल्पवृक्ष कहा जाता है। तो चलिए अब कहानी शुरू करते हैं।

पहले ज़माने की बात है। एक व्यक्ति को दूसरे गांव में जरुरी काम के लिए जाना पड़ता है। दूसरे गाँव में जाने के लिए बीच में एक बड़ा जंगल से गुजरना पड़ता है। जंगल में आधे रास्ते तक पहुंचने के बाद, वह व्यक्ति एक पेड़ के नीचे आराम करने लगता है। थके होने के कारण वह सो जाता है। वह जिस पेड़ के निचे सो गया वह पेड़ कल्पवृक्ष था। उस व्यक्ति की नींद बहुत कम समय में पूरी हो गई।

नींद से जागते ही वह सोच में पड़ जाता है कि, मेरी नींद बहुत कम समय में कैसे पूरी होगी। अब उन्हें बहुत भूख लगी होती हैं। उसके दिमाग में तरह-तरह के भोजन की कल्पना होती है। तो तुरंत ही उसके सामने वह भोजन आ जाता है। यह देखकर वह बहुत हैरान हो जाता है। लेकिन बहुत भूख लगने के कारन है, वह भोजन कर लेता है।

भोजन खाने के बाद वह सोचता है कि यह चमत्कार कैसे हुआ, कुछ ही समय में मेरी नींद खत्म हो गई और मुझे भूख लगी भी लगी और जैसे ही मैंने भोजन की कल्पना की भोजन भी मौजूद हो गया। यह कैसा चमत्कार हो रहा है, ऐसा सोच रहा था।

तब उन्होंने महसूस किया कि यह एक कल्पवृक्ष के कारन हुआ है। और उसने इसका फायदा उठाना उचित समझा। उनके मन में लालच जग जाती है। वह धन, सोना, चांदी की कल्पना करने लग जाता है। उसके सामने बहुत धन, सोना, चांदी और पैसा आ जाता है। वह व्यक्ति ये सब देखकर खुशीसे नाचने लगता है।


अब उस व्यक्ति पास बहुत ज्यादा धन एकत्रित हो गया था। अब शाम हो रही थी। अँधेरा बढ़ रहा था। तभी उसे दर लगाने लगा कही कोई जंगली जानवर उसे मारकर खा न जाए। तभी उसके मन में एक शेर की कल्पना होने लगती है। और तभी वहा एक शेर आ जाता है। और फिर उस व्यक्ति को वो शेर मारकर खा जाता है।

जैसा कि एक कहावत है, हमें उतनाही मिलता है। जितनी हमारी काबिलियत होती है। हमें न तो इससे अधिक और न ही इससे कम मिलता हैं। इसलिए हमें अपनी काबिलियत बनानी चाहिए। यदि हम अपनी काबिलियत बना लेते हैं, तो हमें जो मिलना है वह हमारे सामने से चलकर हमें मिल जाता है।

तो दोस्तों, ऐसे कल्पवृक्ष हमारे लिए फायदेमंद भी साबित होते है और नुकशान दायक भी साबित होते है। क्योंकि हम अपने मन पर नियंत्रण नहीं रख पाते है इसलिए। सबसे पहले हमें अपने मन को वश में करना होगा।


तो दोस्तों, इस कहानी से हमें एक बहुत अच्छी सीख मिलती है। हमें अपने मन पर नियंत्रण करना चाहिए। हमें नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करना सीखना होगा। यदि हम नकारात्मक विचारों को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं, तो कल्पवृक्ष भी हमारे लिए हानिकारक हो जाता है। इसलिए हमें अपने मन को नियंत्रण में रखना होगा।


हमेशा सकारात्मक सोच बनाने की जरूरत है। मुफ्त में पाने की उम्मीद मत करो। किसी भी चीज को अपनी मेहनत से हासिल करना चाहिए। जब हम अपने मन को नियंत्रित करते लेते हैं, तो हम दुनिया के हर क्षेत्र में सफल हो पाएंगे। और हम कुछ भी हाशिल कर सकेंगे।


हम अपने मन को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं?

उसके लिए हमें ध्यान करना होगा। भगवान बुद्ध के विचारों का अनुसरण करना होगा। तब हम अपने मन को नियंत्रित कर पाएंगे। हमें अपने विचारों को नियंत्रित करने के लिए ध्यान करने की आदत बनानी होगी।

भगवद गीता में, भगवान कृष्ण कहते हैं कि जिस व्यक्ति ने अपने मन को जीत लिया है, उनका मन उसके लिए एक मित्र समान है। लेकिन जो व्यक्ति अपने मन के वश में हो गया है, उसका मन उसके लिए शत्रु समान है। इसलिए हमें अपने मन को अपने वश में करना होगा। लेकिन यह कार्य इतना सरल नहीं है। लेकिन हम हर दिन ध्यान करने की आदत बनाकर और निरंतर प्रयास करके इस काम को सफल बना सकते हैं।

तो दोस्तों, इस लेख से हमने कल्पवृक्ष की कहानी से सीखा कि हमें अपने मन को अपने वश में करना चाहिए। 

आगे मैं ध्यान के बारे में वीडियो और भगवान बुद्ध के बारे में एक वीडियो और भगवद गीता के बारे में एक वीडियो बनाने जा रहा हूं, देखने के लिए मेरी YouTube चैनल को Subscribe करें।


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