एक चरवाहा था। उसके पास कई सारी भेड़ बकरियां थी वह रोज उसे चराने के लिए जंगल में ले जाया करता था एक दिन चरवाहा सोच रहा था कि यहां पर कभी बाघ आ गया तो क्या लोग मेरी मदद करने के लिए आएंगे चरवाहे ने सोचा क्यों ना एक परीक्षा की जाए, चरवाहा जोर-जोर से चिल्लाने लगा बचाओ-बचाओ बाघ आया बाघ आया आसपास के गांव के लोग लकड़ी डंडा लेकर उस चरवाहे की मदद करने के लिए दौड़ पड़े चरवाहे के पास आकर बोलने लगे कहां है भाई बाघ चरवाहा बोलने लगा मैं तो मजाक कर रहा था गांव वालों ने उसे बहुत ही बुरा बोला और वहां से चले गए चरवाहा मन ही मन में खुछ हो रहा था

फिर एक दिन सच में बाघ आ जाता है चरवाहा फिर पेड़ पर चढ़ जाता हैऔर जोर-जोर से चिल्लाने लगता है बचाओ-बचाओ बाघ आया बाघ आया। सभी गांव वालों ने, उसकी आवाज सुनी, पर सभी लोग सोचने लगे, कि यह तो मजाक कर रहा होगा फालतू में हम अपना समझ में बर्बाद करेंगे और कोई भी उसे बचाने के लिए नहीं गया और वह वहां से एक बकरी को बाघ खा गया फिर बाघ वहां से चला गया ये सब देख चरवाहा बहुत ही दुःखी हो गया। चरवाहा को अब बहुत ही पछतावा हो रहा था,कि अबकी बार में ऐसी कोई गलती नहीं करूंगा उसे झूठ बोलने का बहुत पछतावा हो रहा था फिर आगे से उसने कभी जिंदगी में झूठ नहीं बोला

तो दोस्तों इस तरह जीवन में कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए किसी के भी साथ मजाक नहीं करना चाहिए नहीं तो अंजाम बहुत ही बुरा होता है। हम सभी देखते है, कुछ लोग इस तरह हमें आजमाते है, की ये मेरा काम करेगा या नहीं, और हमें आजमाते है, फिर हमें पता चलता हो, की ये सब मजाक था, तो फिर हमें दूसरीबार उन लिगो पे यकीं करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमें कभीभी हमारे जीवन में कभीभी झूठ नहीं बोलना चाहिए और नाही किसीको आजमान चाहिए, कल क्या पता उसे हमसे विश्वास उठ जाए तो, वो हमसे दूर भी हो जा सकता है। इसलिए हमें हमेशा सच ही बोलना चाहिए।

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